अल्ट्रासाउंड करवाने से पहले क्या करना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Fri 3rd Feb 2023 : 13:17

अल्ट्रासाउंड से पहले इन बातों का रखें ख्याल (Keep these things in mind before ultrasound)-

1. खाली पेट अल्ट्रासाउंड कराएं

खाली पेट अल्ट्रासाउंड कराने से रिपोर्ट सही आती है। हां, ये बात अलग है कि अगर आप इमरजेंसी में अल्ट्रासाउंड कराने आ रहे हैं तो कैसे भी कर दिया जाता है ।

लेकिन कोशिश यही की जाती है कि मरीज को खाली पेट अल्ट्रासाउंड के लिए बुलाया जाए। तो वहीं, किडनी, आंत, पेट या गर्भाशय का अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज को खाली पेट बुलाया जाता है।

2. क्यों किया जाता है खाली पेट अल्ट्रासाउंड

वैसे तो अगर कोई पेट का अल्ट्रासाउंड करा रहा है तो उसे कहा जाता है कि वह खाली पेट अल्ट्रासाउंड कराए।

इसके पीछे की
वजह यह होती है कि खाना खाने के बाद पित्ताशय की थैली (gallbladder) सिकुड़ जाती है। ऐसे में पित्ताशय के रोगों की स्कैनिंग ठीक से नहीं हो पाती। इसलिए अल्ट्रासाउंड में खाली पेट बुलाया जाता है।

3. पानी पिएं

अगर आपको कल अल्ट्रासाउंड के लिए जाना है और आप एक दिन पहले ही डॉक्टर से मिल लिए हैं तो डॉक्टर पहले ही आपको कह देते हैं कि खाली पेट आइएगा और पानी पी सकते हैं।

बिल्कुल खाली पेट रहेंगे को एसिडिटी की दिक्कत हो सकती है।

एसिडिटी की दिक्कत होने पर अल्ट्रासाउंड न कराएं। तो ऐसी दिक्कतें आपको न हों तो थोड़ा-थोड़ा पानी पी सकते हैं। जब आपकी बारी आने वाली हो तब खूब पानी पी लें।

विशेषज्ञों का मानना है कि पेट में पानी की मात्रा जितनी अच्छी होगी अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट उतनी अच्छी आएगी। पेट से संबंधित रोगों के लिए पानी पीना जरूरी है।

4. आरामदायक कपड़े पहनें

जब आप अल्ट्रासाउंड के लिए जा रहे हैं तो ध्यान रहे कि आपके कपड़े ढीले हों। क्योंकि जिस जगह का अल्ट्रासाउंड होगा वहां के कपड़े हटाएं जाएंगे, इसलिए आप अपनी तैयारी पहले ही कर लें।
अल्ट्रासाउंड के बाद इन बातों का रखें ख्याल (Take care of these things after ultrasound)

अल्ट्रासाउंड होने के बाद किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं दिखता। शरीर पर कोई गर्माहट महसूस नहीं होती। अल्ट्रासाउंड होने के बाद मरीज आराम से घर जा सकता है।

जिन लोगों का एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड किया जाता है उन्हें कुछ दवाएं दी जाती हैं। जिससे उन्हें अस्पताल में रुकने के लिए कहा जाता है। दवा खाने के बाद मरीज को 24 घंटे तक शराब न पीने की सलाह दी जाती है।

पेट के रोगों के अलावा छाती के रोगों की जानकारी लेने के लिए भी अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है। रेडियोलॉजी का आविष्कार मनुष्य के लिए किसी क्रांति से कम नहीं है।

आज अल्ट्रासाउंड जैसी तकनीक के कारण ही आसानी से बड़ी से बड़ी परेशानी का पता चल जाता है। यह एक्स-रे से उन्नत तकनीक है।

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